इलाहाबाद हाई कोर्ट का बड़ा आदेश: राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज करने के निर्देश
- Advocate Sandeep Pandey
- Apr 17
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लखनऊ (उत्तर प्रदेश): इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने एक महत्वपूर्ण आदेश में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज कर जांच करने के निर्देश दिए हैं। यह आदेश उनकी कथित ब्रिटिश नागरिकता को लेकर दायर याचिका पर सुनाया गया।
न्यायमूर्ति सुभाष विद्यार्थी की पीठ ने लखनऊ की निचली अदालत के उस फैसले को रद्द कर दिया, जिसमें राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज करने से इनकार किया गया था। हाई कोर्ट के विस्तृत आदेश का इंतजार किया जा रहा है।
इस मामले में कर्नाटक के भाजपा कार्यकर्ता विग्नेश शिशिर ने याचिका दाखिल की थी। इससे पहले जनवरी में लखनऊ की ACJM अदालत ने भारतीय न्याय संहिता (BNS), पासपोर्ट एक्ट, विदेशी अधिनियम और ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट के तहत FIR दर्ज करने की मांग को खारिज कर दिया था।
याचिकाकर्ता का आरोप है कि राहुल गांधी ब्रिटिश नागरिक हैं और उन्होंने अगस्त 2003 में “M/s Backops Ltd.” नाम की एक कंपनी यूके में रजिस्टर कराई थी। दावा किया गया कि कंपनी के दस्तावेजों में उन्होंने अपनी राष्ट्रीयता ब्रिटिश बताई थी और लंदन व हैम्पशायर के पते दिए थे।
यह भी कहा गया कि 2005 और 2006 में कंपनी के वार्षिक रिटर्न दाखिल करते समय भी उन्होंने अपनी नागरिकता ब्रिटिश बताई। बाद में फरवरी 2009 में कंपनी को भंग कर दिया गया।
याचिका में यह भी उल्लेख किया गया कि राहुल गांधी ने 2004 के लोकसभा चुनाव के दौरान इस कंपनी और लंदन के बार्कलेज बैंक में अपने विदेशी खाते की जानकारी दी थी।
याचिकाकर्ता ने मांग की है कि राहुल गांधी के खिलाफ विदेशी अधिनियम, पासपोर्ट एक्ट और ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट के तहत कार्रवाई की जाए।
मामले में याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता विंदेश्वरी पांडेय ने पैरवी की, जबकि सरकार की ओर से वी.के. सिंह सहित अन्य अधिवक्ता उपस्थित रहे। केंद्र सरकार की ओर से Advocate एस. पांडेय और अन्य वकीलों ने पक्ष रखा।



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