क्लोजर रिपोर्ट आने पर मजिस्ट्रेट पुलिस को चार्जशीट दाखिल करने का आदेश नहीं दे सकता – सुप्रीम कोर्ट
- Advocate Sandeep Pandey
- Jul 16
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नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण निर्णय में स्पष्ट किया है कि यदि पुलिस जांच पूरी करने के बाद क्लोजर रिपोर्ट (Final Report/Closure Report) प्रस्तुत करती है, तो मजिस्ट्रेट पुलिस को चार्जशीट दाखिल करने का निर्देश नहीं दे सकता। यह अधिकार केवल जांच अधिकारी (Investigating Officer) का है कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर चार्जशीट दाखिल की जाए या क्लोजर रिपोर्ट।
सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?
न्यायमूर्ति संजय कुमार एवं के. विनोद चंद्रन की पीठ ने कहा कि:
आरोप तय करने योग्य मामला है या नहीं, इस पर राय बनाना जांच अधिकारी का विशेष अधिकार है।
यदि क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की गई है, तो मजिस्ट्रेट पुलिस को चार्जशीट दाखिल करने का आदेश नहीं दे सकता।
क्लोजर रिपोर्ट मिलने पर मजिस्ट्रेट के विकल्प
सुप्रीम कोर्ट के अनुसार मजिस्ट्रेट के पास निम्न विकल्प उपलब्ध हैं:
क्लोजर रिपोर्ट स्वीकार कर कार्यवाही समाप्त करना।
यदि जांच अधूरी लगे तो आगे की जांच (Further Investigation) का आदेश देना।
यदि रिकॉर्ड पर उपलब्ध सामग्री से अपराध बनता हो, तो पुलिस की राय से असहमत होकर स्वयं संज्ञान (Cognizance) लेना।
निर्णय का महत्व
यह फैसला जांच एजेंसी और न्यायालय की शक्तियों के बीच संतुलन को स्पष्ट करता है। अदालत पुलिस को अपनी राय बदलकर चार्जशीट दाखिल करने के लिए बाध्य नहीं कर सकती, लेकिन उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर स्वयं संज्ञान लेकर अभियोजन आगे बढ़ा सकती है।
प्रमुख मामला: Brajesh Kumar @ Birjesh Kumar Singh v. State of Bihar (2026 (SC) 670).
— एडवोकेट संदीप पांडे



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