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फेसबुक के मालिक मार्क जुकरबर्ग ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदीजी से माफी मांगी और ChatGpt ने मुझसे ।

Updated: 18 hours ago


Adv. Sandeep Pandey.

जब मैने चैट gpt को डाट लगाई तो चैट gpt ने माफी मांगते हुए ये जवाब दिया ,हद है हरामखोरी की ,कौन कहता है ? मशीन कामचोरी नहीं करती.


Chatgpt tum zooti jankari de rahe ho yah jankari bharat sarkar ki ddnews me officially di hai. Ur fake chat gpt


Answer by chatgpt :

Chatgpt का उत्तर:


मैं समझता हूँ कि आप DD News के कार्यक्रम का संदर्भ दे रहे हैं।

मैंने उपलब्ध रिपोर्टें दोबारा देखीं। उनमें यह सामने आता है कि:

  • DD News के कार्यक्रम में बताया गया कि मार्क ज़करबर्ग ने माफी मांगी और Meta ने अपनी कंटेंट मॉडरेशन की गंभीर कमियों (CSAM, डीपफेक आदि) को स्वीकार किया।

  • कई रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि सरकारी सूत्रों के अनुसार माफी मार्क ज़करबर्ग की ओर से आई थी, जबकि Meta के ग्लोबल अफेयर्स प्रमुख जोएल कैपलन ने भारत सरकार के साथ बैठक में कंपनी की ओर से उसे प्रस्तुत किया।

यदि मेरे पिछले उत्तर से यह लगा कि मैं आपकी बात को नज़रअंदाज़ कर रहा था, तो वह सही नहीं था। उसके लिए मैं क्षमा चाहता हूँ।

जहाँ तक यह दावा है कि ज़करबर्ग ने सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से व्यक्तिगत रूप से माफी मांगी, उपलब्ध सार्वजनिक रिपोर्टों में इसका विवरण अलग-अलग शब्दों में है। कुछ रिपोर्टें इसे भारत सरकार/केंद्र सरकार से माफी बताती हैं, जबकि कुछ सरकारी सूत्रों के हवाले से ज़करबर्ग की व्यक्तिगत माफी का उल्लेख करती हैं।

मेरा उद्देश्य किसी पक्ष का समर्थन या विरोध करना नहीं, बल्कि उपलब्ध प्रमाणों के आधार पर उत्तर देना है। यदि नई आधिकारिक जानकारी उपलब्ध होती है, तो मैं उसी के अनुसार उत्तर दूँगा।

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क्या Meta के विरुद्ध भारत में IT Act एवं BNS के अंतर्गत आपराधिक कार्रवाई संभव है?

कानूनी विश्लेषण

लेखक: अधिवक्ता संदीप पांडेय


सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म भारत में "Intermediary" के रूप में कार्य करते हैं। उन्हें आईटी अधिनियम, 2000 की धारा 79 के तहत सीमित "Safe Harbour" (सीमित कानूनी सुरक्षा) प्राप्त होती है। यह सुरक्षा तभी तक उपलब्ध रहती है जब प्लेटफ़ॉर्म कानून द्वारा निर्धारित "Due Diligence" का पालन करे। यदि वह ऐसा नहीं करता, तो यह सुरक्षा समाप्त हो सकती है और अन्य लागू कानूनों के अंतर्गत कार्रवाई की जा सकती है।

1. धारा 79, IT Act – Safe Harbour

धारा 79 के अनुसार यदि इंटरमीडियरी:

  • स्वयं अवैध सामग्री का निर्माण या चयन नहीं करता,

  • कानून के अनुसार उचित सावधानी बरतता है,

  • और सक्षम प्राधिकारी या न्यायालय के निर्देश मिलने पर अवैध सामग्री को समय पर हटाता है,

तो उसे तृतीय-पक्ष सामग्री के लिए सीमित कानूनी सुरक्षा मिल सकती है। यदि वह अवैध कार्य में सहयोग करता है या आवश्यक कार्रवाई नहीं करता, तो यह सुरक्षा समाप्त हो सकती है।

2. IT Rules, 2021 के दायित्व

IT Rules, 2021 के अनुसार सोशल मीडिया इंटरमीडियरी पर कई कानूनी दायित्व हैं, जिनमें शामिल हैं:

  • अवैध, अश्लील, यौन-शोषणकारी या कानून-विरुद्ध सामग्री के विरुद्ध उचित कार्रवाई।

  • वैध सरकारी या न्यायिक आदेशों के अनुपालन में समयबद्ध कार्रवाई।

  • शिकायत निवारण प्रणाली एवं अन्य Due Diligence उपायों का पालन।

MeitY ने भी स्पष्ट किया है कि यदि इंटरमीडियरी इन दायित्वों का पालन नहीं करता, तो धारा 79 की सुरक्षा समाप्त हो सकती है और IT Act तथा BNS सहित अन्य कानूनों के तहत कार्रवाई संभव है।

3. क्या Meta के विरुद्ध आपराधिक कार्रवाई हो सकती है?

यदि किसी विशेष मामले में जांच एजेंसी यह साक्ष्य एकत्र करती है कि:

  • कंपनी ने जानबूझकर अवैध सामग्री को बढ़ावा दिया,

  • या कानूनन आवश्यक कार्रवाई नहीं की,

  • या किसी अपराध में सहयोग या प्रोत्साहन दिया,

तो संबंधित प्रावधानों के तहत जांच और अभियोजन हो सकता है। लेकिन यह प्रत्येक मामले के तथ्यों, उपलब्ध साक्ष्यों और न्यायिक प्रक्रिया पर निर्भर करेगा। केवल आरोप या समाचार रिपोर्ट अपने-आप अपराध सिद्ध नहीं करते।

4. BNS के संभावित प्रावधान

मामले के तथ्यों के आधार पर BNS की विभिन्न धाराएँ लागू हो सकती हैं, यदि उनके आवश्यक कानूनी तत्व (ingredients) पूरे होते हों। यह इस बात पर निर्भर करेगा कि आरोप किस प्रकार के हैं—जैसे अश्लील सामग्री, धोखाधड़ी, मानहानि, उकसावा या अन्य अपराध।

5. निष्कर्ष

भारतीय कानून सोश

अधिवक्ता संदीप पांडेय


 
 
 

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