₹30 लाख चेक बाउंस मामले में व्यक्ति को 1 साल की जेल, ठाणे कोर्ट ने दोगुना ₹60 लाख जुर्माना लगाया.
- Advocate Sandeep Pandey
- Feb 3
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Updated: Feb 5

ठाणे की मजिस्ट्रेट अदालत ने बोरीवली निवासी एक व्यक्ति को दो चेक बाउंस करने के मामले में दोषी ठहराते हुए एक साल की साधारण कारावास की सजा सुनाई है। इन चेकों की कुल राशि ₹30 लाख थी।
अदालत ने करीब दस साल पुराने संपत्ति विवाद को गंभीरता से लेते हुए आरोपी को शिकायतकर्ता को ₹60 लाख (मूल राशि से दोगुना) मुआवजा देने का भी आदेश दिया है।
मामले की शुरुआत अगस्त 2016 में हुई थी, जब शिकायतकर्ता ने ठाणे पश्चिम में करीब ₹70 लाख में 2 बीएचके फ्लैट खरीदने के लिए आरोपी से संपर्क किया था। 1 अगस्त 2017 को दोनों के बीच एमओयू (समझौता ज्ञापन) हुआ और शिकायतकर्ता ने चेक के जरिए ₹31 लाख अग्रिम भुगतान किया। आरोपी ने सितंबर 2018 तक फ्लैट देने का वादा किया था, लेकिन उसने संपत्ति नहीं सौंपी। इसके बाद शिकायतकर्ता ने पैसे वापस मांगे।
बकाया चुकाने के लिए आरोपी ने अप्रैल 2018 में ₹15-₹15 लाख के दो चेक दिए, लेकिन 27 अप्रैल 2018 को दोनों चेक बैंक से यह कहकर लौट आए कि “हस्ताक्षर मेल नहीं खाते”। मई 2018 में कानूनी नोटिस देने के बावजूद भुगतान नहीं किया गया, जिसके बाद शिकायतकर्ता ने नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट के तहत आपराधिक मामला दायर किया।
अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ए. डी. मार्गोडे ने कहा कि आरोपी न तो शिकायतकर्ता के सबूतों को चुनौती दे सका और न ही अपनी जिम्मेदारी से जुड़े कानूनी अनुमान को खंडित कर पाया। अदालत ने माना कि सात साल पुराने इस लेनदेन में भुगतान न होने से शिकायतकर्ता को मानसिक और आर्थिक पीड़ा हुई।
इसके बाद अदालत ने आरोपी को एक साल की जेल की सजा सुनाई और आदेश दिया कि वह दो महीने के भीतर ₹60 लाख मुआवजा अदा करे।
फैसले के समय आरोपी अदालत में मौजूद नहीं था, इसलिए उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट भी जारी किया गया है।



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