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सर्जरी से पहले जोखिमों की जानकारी दिए बिना लिया गया सहमति पत्र वैध नहीं — महाराष्ट्र राज्य उपभोक्ता आयोग
लेखक: अधिवक्ता संदीप पाण्डेय महाराष्ट्र राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने एक महत्वपूर्ण निर्णय में स्पष्ट किया है कि केवल मरीज के हस्ताक्षर वाला पूर्व-मुद्रित (Pre-Printed) सहमति पत्र "Informed Consent" अर्थात् "सूचित सहमति" नहीं माना जा सकता। यदि डॉक्टर या अस्पताल मरीज को सर्जरी की प्रकृति, संभावित जोखिमों, जटिलताओं तथा उपलब्ध वैकल्पिक उपचारों की जानकारी दिए बिना सहमति प्राप्त करते हैं, तो यह सेवा में कमी (Deficiency in Service) मानी जाएगी और इसके लिए चिकित्सक उत्तरदायी
Advocate Sandeep Pandey
6 days ago2 min read


एसबीआई ने “गुम” की हुई प्रॉपर्टी की मूल रजिस्ट्री आखिरकार खोज निकाली, लेकिन तब जब उपभोक्ता आयोग ने ₹10 लाख जमा करने का आदेश दिया — अधिवक्ता संदीप पांडे
देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक State Bank of India (SBI) से जुड़ा एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसमें बैंक ने ग्राहक की प्रॉपर्टी की मूल टाइटल डीड (रजिस्ट्री) वर्षों तक “गुम” बताई, लेकिन जैसे ही राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग (NCDRC) ने बैंक को ₹10 लाख जमा करने का आदेश दिया, बैंक को अचानक वह दस्तावेज “मिल” गया। मामला उत्तर प्रदेश के निवासी विनय कुमार से जुड़ा है, जिन्होंने बैंक से ऋण लिया था और सुरक्षा के रूप में अपनी संपत्ति के मूल दस्तावेज SBI के पास जमा किए थे
Advocate Sandeep Pandey
May 273 min read


बहू को ससुराल की संपत्ति में स्थायी वैकल्पिक आवास का अधिकार नहीं : दिल्ली हाईकोर्ट
अधिवक्ता संदीप पांडेय लीगल कंसल्टेंट एवं प्रैक्टिशनर, नागपुर जिला न्यायालय एवं उच्च न्यायालय हाल ही में Delhi High Court ने एक महत्वपूर्ण निर्णय देते हुए स्पष्ट किया है कि घरेलू हिंसा अधिनियम, 2005 (DV Act) तथा Maintenance and Welfare of Parents and Senior Citizens Act, 2007 के अंतर्गत बहू को ससुराल पक्ष की संपत्ति में “स्थायी वैकल्पिक आवास” (Permanent Alternate Accommodation) मांगने का कोई पूर्ण या स्थायी अधिकार प्राप्त नहीं है। न्यायालय ने कहा कि कानून केवल “Shared Househol
Advocate Sandeep Pandey
May 232 min read


मातृभाषा में शिक्षा पाना बच्चे का मौलिक अधिकार : सुप्रीम कोर्ट
भारत के Supreme Court of India ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि संविधान के अनुच्छेद 19(1)(a) के तहत बच्चे को अपनी पसंद की भाषा में प्राथमिक शिक्षा प्राप्त करने का मौलिक अधिकार है। अदालत ने स्पष्ट किया कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता केवल बोलने तक सीमित नहीं है, बल्कि जानकारी को समझने और ग्रहण करने के अधिकार को भी शामिल करती है। न्यायमूर्ति Justice Vikram Nath और Justice Sandeep Mehta की पीठ ने कहा कि शिक्षा उसी भाषा में दी जानी चाहिए जिसे बच्चा आसानी से समझ सके। अदालत के अनुस
Advocate Sandeep Pandey
May 141 min read


बीमा दावा दाखिल करने में देरी से वास्तविक मुआवजा नहीं रोका जा सकता : हाईकोर्ट
बीमा प्रीमियम लेने के बाद दावा खारिज नहीं कर सकती कंपनी : केरल हाईकोर्ट केरल हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि यदि बीमा कंपनी प्रीमियम प्राप्त कर चुकी है, तो केवल पॉलिसी जारी करने में प्रशासनिक देरी के आधार पर बीमा दावा खारिज नहीं किया जा सकता। मामले में मृतक ने हाउसिंग लोन के साथ बीमा कवर लिया था और प्रीमियम 30 जून 2015 को जमा हो गया था। हालांकि बीमा कंपनी ने पॉलिसी की प्रभावी तिथि बाद की दर्शाई और 90 दिन की वेटिंग पीरियड का हवाला देकर दावा अस्वीकार कर दिया। केरल
Advocate Sandeep Pandey
May 111 min read


Star health insurance द्वारा क्लेम रिजेक्ट पर सेवा में खामी का केस ग्राहक को मिला सम्पूर्ण दवा।
www.advpandey.com Adv. sandeep pandey कोविड बीमा दावा सिर्फ 2.5 घंटे कम अस्पताल में भर्ती रहने पर खारिज करना मनमाना — उपभोक्ता आयोग ने Star Health and Allied Insurance Company Ltd. को सेवा में कमी (Deficiency in Service) का दोषी ठहराते हुए कहा कि केवल अस्पताल में भर्ती रहने की अवधि 72 घंटे से लगभग 2.5 घंटे कम होने के आधार पर कोविड बीमा दावा खारिज करना मनमाना, अनुचित और कानूनन अस्थिर है। आयोग की पीठ में सी.टी. साबू (अध्यक्ष), श्रीजा एस. (सदस्य) और राम मोहन आर. (सदस्य) शामिल थ
Advocate Sandeep Pandey
May 72 min read


SC Grants 56 Lakh Compensation For Motor Accident
The Supreme Court has enhanced compensation to ₹56.83 lakh for a 14-year-old boy who suffered 100% permanent disability in a road accident, holding that the amounts awarded by the Motor Accident Claims Tribunal and the Rajasthan High Court were grossly inadequate considering the lifelong impact of the injuries. A Bench of Justice J.K. Maheshwari and Justice Atul S. Chandurkar allowed the appeal filed by Hansraj, who was 14 years old at the time of the 2016 accident. The boy,
Advocate Sandeep Pandey
May 72 min read


दिव्यांग अधिकार कानून की जमीनी हकीकत जांचेगी देश की 8 NLUs, सुप्रीम कोर्ट ने दी ऐतिहासिक मंजूरी.
www.advpandey.com Adv. Sandeep Pandey सुप्रीम कोर्ट ने दिव्यांगजन अधिकार कानून (RPwD Act, 2016) के प्रभावी क्रियान्वयन की निगरानी के लिए देश के 8 नेशनल लॉ यूनिवर्सिटीज़ (NLUs) को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। कोर्ट ने “प्रोजेक्ट एबिलिटी एम्पावरमेंट” के तहत इन NLUs को विभिन्न राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में दिव्यांग व्यक्तियों के लिए संचालित संस्थानों और योजनाओं की स्थिति का आकलन करने की अनुमति दी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि RPwD Act का उद्देश्य केवल कागजी अधिकार देना नहीं, बल्कि
Advocate Sandeep Pandey
May 71 min read


सुप्रीम कोर्ट का महत्वपूर्ण फैसला 22 FIR वाले आरोपी को अग्रिम जमानत (Anticipatory Bail) से वंचित किया गया
भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने एक अहम निर्णय में स्पष्ट किया है कि गंभीर आपराधिक पृष्ठभूमि (Criminal Antecedents) स्वयं में ही अग्रिम जमानत से इंकार करने के लिए पर्याप्त आधार हो सकती है। 🔹 मामले का संक्षिप्त विवरण सुप्रीम कोर्ट की पीठ (न्यायमूर्ति जे.बी. पारदीवाला एवं न्यायमूर्ति विजय बिश्नोई) ने इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा दी गई अग्रिम जमानत को निरस्त कर दिया। आरोपी के खिलाफ 22 FIR दर्ज थीं, जिनमें धोखाधड़ी (IPC 420), जालसाजी (IPC 467, 468) और फर्जी दस्तावेजों का उपयोग (IPC 471)
Advocate Sandeep Pandey
May 31 min read


बाद में जाली पाई गई वसीयत के आधार पर संपत्ति खरीदने पर खरीदार आपराधिक रूप से जिम्मेदार नहीं होता।
Advocate Sandeep Pandey: Suprim court of India ने यह टिप्पणी की है कि यदि कोई संपत्ति ऐसे वसीयतनामा (Will) के आधार पर खरीदी गई हो, जो बाद में जाली (forged) पाया जाए, तो मात्र इस कारण से खरीदार को विक्रेता द्वारा की गई धोखाधड़ीपूर्ण बिक्री (fraudulent sale deed) के लिए आपराधिक रूप से जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। और की पीठ ने खरीदार के खिलाफ चल रही आपराधिक कार्यवाही को रद्द कर दिया। खरीदार पर आरोप था कि उसने विक्रेता द्वारा की गई धोखाधड़ीपूर्ण संपत्ति हस्तांतरण में सहयोग किय
Advocate Sandeep Pandey
Apr 282 min read


Time restrictions on filing insurance claims are void: HC
The insurance company had rejected the claim on the ground that it was submitted after expiry of the stipulated 90-day window post hospitalisation at time restrictions on submission of insurance claims are contrary to the law and ordered the United India Insurance Company Ltd to clear health insurance claims of a city resident and his wife, totalling ₹1.13 lakh. The insurance company had rejected the claim on the ground that it was submitted after expiry of the stipulated 90-
Advocate Sandeep Pandey
Apr 272 min read


MOTOR VEHICLE ACT'S FOR RASH DRIVING AND ACCIDENTS IN ROAD
In Maharashtra, rash driving is primarily punishable under Section 184 of the Motor Vehicles Act, 1988 (dangerous driving) and Section 279 of the Indian Penal Code (IPC) (rash driving on a public way). These laws impose penalties, including imprisonment (up to 6 months-1 year) and fines, for driving that risks public safety. What is the BNS 281 section? Whoever drives any vehicle, or rides, on any public way in a manner so rash or negligent as to endanger human life, or to
Advocate Sandeep Pandey
Apr 212 min read


धोखाधड़ी और आपराधिक न्यासभंग( Criminal Breach of Trust): क्या दोनों धाराएँ साथ-साथ लागू हो सकती हैं?
हाल ही में में इलाहाबाद उच्च न्यायालय के एक आदेश ने एक महत्वपूर्ण प्रश्न पर फिर से ध्यान आकर्षित किया। जमानत याचिका पर विचार करते हुए न्यायालय ने कहा कि केवल इस आधार पर कि धोखाधड़ी (Cheating) और आपराधिक न्यासभंग (Criminal Breach of Trust) दोनों धाराएँ साथ-साथ लगाई गई हैं, कार्यवाही अवैध नहीं हो जाती—खासकर उस चरण पर, जब अपराध की प्रकृति अभी जांच के अधीन हो। यह टिप्पणी जमीनी हकीकत को दर्शाती है, जहाँ अक्सर एक ही मामले में दोनों अपराध साथ-साथ लगाए जाते हैं। अदालतों में बड़ी संख्
Advocate Sandeep Pandey
Apr 183 min read


इलाहाबाद हाई कोर्ट का बड़ा आदेश: राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज करने के निर्देश
www.advpandey.com लखनऊ (उत्तर प्रदेश): इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने एक महत्वपूर्ण आदेश में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज कर जांच करने के निर्देश दिए हैं। यह आदेश उनकी कथित ब्रिटिश नागरिकता को लेकर दायर याचिका पर सुनाया गया। न्यायमूर्ति सुभाष विद्यार्थी की पीठ ने लखनऊ की निचली अदालत के उस फैसले को रद्द कर दिया, जिसमें राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज करने से इनकार किया गया था। हाई कोर्ट के विस्तृत आदेश का इंतजार किया जा रहा है। इस मामले में कर्नाट
Advocate Sandeep Pandey
Apr 172 min read


Once Landlord Proves Absence Of Original Tenant & Third-Party Possession, Onus To Rebut Presumption Of Unlawful Sub-Letting Shifts To Tenant: Supreme Court
The Court reiterated that in cases of alleged subletting, once the landlord establishes exclusive possession of a third party and absence of the original tenant, a presumption arises, shifting the burden onto the tenant to justify such possession. the respondents failed to rebut this presumption, as no credible evidence was produced to establish a valid partnership, lawful induction, or consent of the landlord. The Court also examined the defence of “partnership reconstitutio
Advocate Sandeep Pandey
Apr 131 min read


अवैध सब-लेटिंग पर सुप्रीम कोर्ट सख्त: किरायेदार पर सबूत का भार.
अवैध सब-लेटिंग पर सुप्रीम कोर्ट सख्त: किरायेदार पर सबूत का भार — हाल ही में ने एक महत्वपूर्ण निर्णय में स्पष्ट किया कि यदि मकान मालिक यह सिद्ध कर देता है कि मूल किरायेदार परिसर में मौजूद नहीं है और किसी तीसरे व्यक्ति का उस पर विशेष (exclusive) कब्जा है, तो अवैध सब-लेटिंग (sub-letting) का अनुमान (presumption) बनता है। इसके बाद यह भार किरायेदार पर आ जाता है कि वह इस कब्जे को वैध ठहराए। प्रकरण: न्यायालय ने पाया कि लीज डीड में केवल एक ही पार्टनर को किरायेदार के रूप में मान्यता द
Advocate Sandeep Pandey
Apr 132 min read


“धुरंधर” और राष्ट्र सुरक्षा की जनचेतना। रणबीर सिंह का नागपुर संघ कार्यालय में मोहनजी भागवत से गुप्त भेट।
Advocate Sandeep Pandey Legal Consultant and Practitioner at Nagpur District court and high court
Advocate Sandeep Pandey
Apr 112 min read


प्रॉपर्टी गिफ्ट पर सख्ती: 45 लाख से ऊपर के मामलों पर आयकर विभाग की नजर
भारत में नई Income-tax Rules, 2026 लागू होने के साथ अब ₹45 लाख से अधिक मूल्य की संपत्ति (Property) के गिफ्ट (Gift Deed) पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी। यह बदलाव टैक्स चोरी रोकने और पारदर्शिता बढ़ाने के उद्देश्य से किया गया है। 📜 विधिक विश्लेषण (Legal Column) लेखक: अधिवक्ता संदीप पांडेय भारत में पारिवारिक या सामाजिक संबंधों के आधार पर संपत्ति का उपहार देना सामान्य प्रथा है, परंतु अब यह पूर्णतः “टैक्स-फ्री” नहीं माना जाएगा। Income-tax Rules, 2026 के Rule 237 के अनुसार ₹45 लाख या
Advocate Sandeep Pandey
Mar 292 min read


यदि कोई व्यक्ति हिंदू, सिख या बौद्ध धर्म छोड़कर किसी अन्य धर्म (जैसे ईसाई या इस्लाम) को अपनाता है, तो वह स्वतः ही अनुसूचित जाति (SC) का दर्जा और उससे जुड़े सभी संवैधानिक लाभ खो देता है।
लीगल न्यूज़ / कानूनी कॉलम (एडवोकेट संदीप पांडेय के दृष्टिकोण से) हाल ही में Supreme Court of India ने एक महत्वपूर्ण निर्णय में स्पष्ट किया है कि यदि कोई व्यक्ति हिंदू, सिख या बौद्ध धर्म छोड़कर किसी अन्य धर्म (जैसे ईसाई या इस्लाम) को अपनाता है, तो वह स्वतः ही अनुसूचित जाति (SC) का दर्जा और उससे जुड़े सभी संवैधानिक लाभ खो देता है। 🧾 निर्णय का सार सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि संविधान (अनुसूचित जाति) आदेश, 1950 की धारा 3 के अनुसार SC का दर्जा केवल उन्हीं व्यक्तियों को प्राप्त है जो
Advocate Sandeep Pandey
Mar 252 min read


जिसे माफी देकर ‘अप्रूवर’ (गवाह) बनाया गया है, उसे मुकदमे के अंत तक हिरासत में रखना आवश्यक नहीं है।
(एडवोकेट संदीप पांडेय के दृष्टिकोण से) हाल ही में जम्मू-कश्मीर और लद्दाख उच्च न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण निर्णय देते हुए स्पष्ट किया है कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 (BNSS) की धारा 343 के तहत जिसे माफी देकर ‘अप्रूवर’ (गवाह) बनाया गया है, उसे मुकदमे के अंत तक हिरासत में रखना आवश्यक नहीं है। न्यायालय ने यह कहा कि धारा 343 BNSS (जो पूर्व में दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 306 के समान है) का उद्देश्य अपराध के खुलासे में सहयोग प्राप्त करना है, न कि ऐसे व्यक्ति को अनावश्यक रूप
Advocate Sandeep Pandey
Mar 251 min read
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