“धुरंधर” और राष्ट्र सुरक्षा की जनचेतना। रणबीर सिंह का नागपुर संघ कार्यालय में मोहनजी भागवत से गुप्त भेट।
- Advocate Sandeep Pandey
- Apr 11
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✍️ एडवोकेट संदीप पांडेय (लीगल कॉलम)
नागपुर से राष्ट्र चेतना तक:
“धुरंधर” और राष्ट्र सुरक्षा की जनचेतना
रणवीर सिंह की फिल्म “धुरंधर” जैसे विषयों के माध्यम से राष्ट्र सुरक्षा, खुफिया एजेंसियों और देशभक्ति जैसे विषयों पर जनचर्चा बढ़ती है। हालांकि फिल्मों में दिखाई गई “RAW एजेंट” जैसी कहानियां वास्तविकता के बिल्कुल करीब है और पाकिस्तान आतंकवादी घटनाएं और 26/11 की घटना को वास्तविक NDTV न्यूज चैनल की रिकॉर्डिंग को जोड़कर बेहद सच्चाई के साथ प्रस्तुत किया गया हैं, ऐसी फिल्में समाज में युवाओं को राष्ट्र के प्रति जागरूक करती हैं।
संघ एक देश भक्ति का संचार।
महाराष्ट्र का नागपुर शहर राष्ट्रवादी विचारधारा का केंद्र माना जाता है, नागपुर स्थित (RSS) का मुख्यालय देशभर में संगठन, अनुशासन और सेवा का संदेश देता है.
10 अप्रैल का विशेष संदर्भ
हाल ही में 10 अप्रैल 2026 को बॉलीवुड अभिनेता फिल्म धुरंधर के मुख्य किरदार निभाने वाले रणबीर सिंह ने नागपुर स्थित में श्रद्धांजलि अर्पित कर RSS के वरिष्ठ पदाधिकारियों से संवाद किया।
संघ: राष्ट्र सीमा का सामाजिक प्रहरी
RSS देश मे रहने वाले नागरिकों के बीच राष्ट्रभक्ति और जागरूकता का कार्य करता है। यह संगठन सीमावर्ती क्षेत्रों में सामाजिक समरसता, विकास और सुरक्षा के प्रति नागरिकों को सक्रिय करता है।
संघ का मुख्य उद्देश्य केवल जागरूकता फैलाना ही नहीं, बल्कि सीमाओं पर रहने वाले लोगों को राष्ट्र की मुख्यधारा से जोड़ना भी है, ताकि वे किसी भी बाहरी प्रभाव या घुसपैठ के प्रति सजग रह सकें।
भारतीय सेना के साथ समन्वय और योगदान
देश की सीमाओं की रक्षा का प्रमुख दायित्व एक नागरिक कैसे निभाता हैं, यह धुरंधर में बेहतरीन तरीके से बताया गया है। देश का हर नगरी एक सैनिक है जो देस की सुरक्षा में अपना योगदान कर सकता है।
इनका योगदान निम्न प्रकार से देखा जाता है:
सीमावर्ती गांवों में राष्ट्रभक्ति और सुरक्षा जागरूकता अभियान चलाना
स्थानीय युवाओं को सेना में भर्ती हेतु प्रेरित करना
आपदा या संकट के समय राहत कार्यों में सहयोग देना
सीमा क्षेत्रों में सूचना और सतर्कता का वातावरण बनाए रखना
यह स्पष्ट करना आवश्यक है कि हर सामान्य नागरिक प्रत्यक्ष सैन्य कार्यवाही में शामिल नहीं होते, बल्कि सामाजिक और नागरिक स्तर पर सहयोग प्रदान करते हैं, जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा तंत्र को मजबूती मिलती है।
निष्कर्ष
नागपुर स्थित RSS मुख्यालय केवल एक संगठन का केंद्र नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की विचारधारा का प्रतीक है। धुरंधर जैसे चित्रांकन के माध्यम से यह विचार सीमाओं तक पहुंचता है, जहां नागरिक सीमावर्ती नागरिक और मिलकर राष्ट्र की सुरक्षा को सुदृढ़ बना सकते हैं।
इस प्रकार, सामाजिक संगठन, नागरिक और सेना का यह समन्वय भारत की सुरक्षा और एकता की मजबूत नींव प्रस्तुत करता है।
✍️ एडवोकेट संदीप पांडेय
(लीगल विश्लेषक एवं स्तंभकार)



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