बीमा दावा दाखिल करने में देरी से वास्तविक मुआवजा नहीं रोका जा सकता : हाईकोर्ट
- Advocate Sandeep Pandey
- May 11
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बीमा प्रीमियम लेने के बाद दावा खारिज नहीं कर सकती कंपनी : केरल हाईकोर्ट
केरल हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि यदि बीमा कंपनी प्रीमियम प्राप्त कर चुकी है, तो केवल पॉलिसी जारी करने में प्रशासनिक देरी के आधार पर बीमा दावा खारिज नहीं किया जा सकता।
मामले में मृतक ने हाउसिंग लोन के साथ बीमा कवर लिया था और प्रीमियम 30 जून 2015 को जमा हो गया था। हालांकि बीमा कंपनी ने पॉलिसी की प्रभावी तिथि बाद की दर्शाई और 90 दिन की वेटिंग पीरियड का हवाला देकर दावा अस्वीकार कर दिया।
केरल हाईकोर्ट ने कहा कि बीमा अनुबंध प्रीमियम प्राप्त होने की तारीख से प्रभावी माना जाएगा, न कि बाद में पॉलिसी जारी करने की तारीख से। न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया कि कंपनी की आंतरिक प्रशासनिक देरी का नुकसान उपभोक्ता को नहीं उठाना पड़ेगा।
अदालत ने लोक अदालत का आदेश रद्द करते हुए बीमा कंपनी को दावा राशि छह सप्ताह के भीतर जारी करने का निर्देश दिया।
यह निर्णय बीमाधारकों के अधिकारों की सुरक्षा और बीमा कंपनियों की जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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Advocate Sandeep Pandey
Legal Consultant & Practitioner
Nagpur District Court & High Court



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