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8 साल तक कार की मरम्मत नहीं, उपभोक्ता आयोग ने दिलाया ₹11 लाख मुआवजा


एक महत्वपूर्ण उपभोक्ता अधिकार मामले में दिल्ली के उपभोक्ता आयोग ने एक निसान कार मालिक के पक्ष में फैसला सुनाते हुए लगभग ₹11 लाख का मुआवजा देने का आदेश दिया। मामला उस कार से जुड़ा था जो मरम्मत के लिए वर्कशॉप में दी गई थी, लेकिन कथित रूप से लगभग 8 वर्षों तक ठीक नहीं की गई। लगातार प्रयासों और शिकायतों के बावजूद वाहन मालिक को राहत नहीं मिली, जिसके बाद उसने उपभोक्ता आयोग का दरवाजा खटखटाया।

उपभोक्ता आयोग ने पाया कि वाहन की मरम्मत में असामान्य और अत्यधिक देरी हुई, जिससे वाहन मालिक को आर्थिक नुकसान, मानसिक पीड़ा और भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। आयोग ने इसे सेवा में गंभीर कमी (Deficiency in Service) माना और पीड़ित उपभोक्ता को मुआवजा प्रदान करने का आदेश दिया।

उपभोक्ताओं के लिए इस निर्णय का महत्व

यह फैसला स्पष्ट करता है कि कोई भी कंपनी, डीलर या सर्विस सेंटर उपभोक्ता की संपत्ति को अनिश्चितकाल तक अपने पास रखकर जिम्मेदारी से नहीं बच सकता। यदि किसी सेवा प्रदाता की लापरवाही या निष्क्रियता के कारण उपभोक्ता को नुकसान होता है, तो वह उपभोक्ता संरक्षण कानून के तहत मुआवजे का हकदार है।

आपके अधिकार

यदि आपकी कार, बाइक, मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण या कोई अन्य वस्तु सर्विस सेंटर में लंबे समय तक बिना उचित कारण के अटकी हुई है, तो आप:

  • लिखित शिकायत कर सकते हैं।

  • ईमेल एवं पत्राचार का रिकॉर्ड सुरक्षित रख सकते हैं।

  • उपभोक्ता आयोग में शिकायत दायर कर सकते हैं।

  • आर्थिक नुकसान, मानसिक पीड़ा और मुकदमे के खर्च की भरपाई की मांग कर सकते हैं।

निष्कर्ष

यह निर्णय उपभोक्ताओं के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश है कि वे अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहें। कंपनियों और सर्विस सेंटरों को भी यह समझना होगा कि सेवा में लापरवाही और अनावश्यक देरी के लिए उन्हें कानूनी जिम्मेदारी उठानी पड़ सकती है।


लेखक: अधिवक्ता संदीप पांडे


वेबसाइट: www.advpandey.com


 
 
 

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