धर्म परिवर्तन करने वाला व्यक्ति पिछड़ा वर्ग (Backward Class Muslim) का दर्जा नहीं मांग सकता : हाईकोर्ट
- Advocate Sandeep Pandey
- 6 hours ago
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धर्म परिवर्तन करने वाला व्यक्ति पिछड़ा वर्ग (Backward Class Muslim) का दर्जा नहीं मांग सकता : मद्रास हाईकोर्ट
मद्रास हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण निर्णय में कहा है कि केवल इस्लाम धर्म स्वीकार कर लेने से कोई व्यक्ति स्वतः Backward Class Muslim (BCM) श्रेणी का लाभ प्राप्त नहीं कर सकता। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि धर्म परिवर्तन के बाद व्यक्ति केवल मुस्लिम माना जाएगा, लेकिन वह किसी विशेष पिछड़े मुस्लिम समुदाय का सदस्य होने का दावा नहीं कर सकता, जब तक कि वह उस समुदाय से जन्मगत या विधिक रूप से संबंधित न हो।
यह मामला तूतीकोरिन (Thoothukudi) जिले के एक व्यक्ति से संबंधित था, जिसने वर्ष 2015 में इस्लाम धर्म स्वीकार कर अपना नाम बदल लिया था। वह मूल रूप से हिंदू माता-पिता के घर जन्मा था। कायाथर (Kayathar) की सुन्नत जमात (Sunnath Jamath) द्वारा जारी प्रमाणपत्र में यह प्रमाणित किया गया था कि याचिकाकर्ता ने इस्लाम धर्म अपना लिया है। इसके बाद उसने Backward Class Muslim (BCM) श्रेणी का लाभ प्राप्त करने का दावा किया।
मद्रास हाईकोर्ट ने कहा कि केवल धर्म परिवर्तन के आधार पर किसी व्यक्ति को पिछड़ा वर्ग मुस्लिम (BCM) का दर्जा नहीं दिया जा सकता। न्यायालय ने तमिलनाडु सरकार के उस आदेश को भी असंवैधानिक माना, जिसके तहत धर्म परिवर्तन करने वाले व्यक्तियों को BCM श्रेणी के आरक्षण लाभ देने की अनुमति दी गई थी।
मुख्य टिप्पणी :
"इस्लाम धर्म अपनाने वाला व्यक्ति केवल मुस्लिम है, वह केवल धर्म परिवर्तन के आधार पर Backward Class Muslim का दावा नहीं कर सकता।"
Advocate Sandeep Pandey





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